Tuesday, July 16, 2013

जब भी मैं तनिशी(मेरी भतीजी ) को देखता हूँ तो मैं भी मेरे बचपन की धुंधली यादो में खो जाता हूँ ..उसी बचपन को समर्पित मेरी ये कविता ....छायांकन - ये चित्र मेरे काफी करीब हैं क्योकि तनिशी को पहला तोहफा ये ही दिया था


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